Everest base camp trek

By | October 17, 2020

My Solo Traveler

Everest base camp trek 

एवरेस्ट बेसकैंप ट्रेक कैसे करें/ How to trec Everest base camp

Everest base camp trec

                                                        सर्दी ऐसी की सबकुछ जम जाए

 

दोस्तो चूंकि अक्टूबर आ गया है ओर बहुत से मित्र चाहते हैं कि वे भी एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक Everest base camp trek Earth’s highest mountain करें और वो भी सर्दियों में। क्योंकि सर्दियों में ट्रेकिंग का अपना ही मजा है।

आपकी जानकारी के लिए शुरूआत में ही बता दूं मैं खुद ट्रेकिंग की दुनिया में नया हूं। मैं ट्रेकिंग करना सीख रहा हूं। जो कुछ भी अनुभव है, उसे आप सभी दोस्तों से साझा कर रहा हूं। उम्मीद है, आपको कुछ सहायता जरूर मिलेगी। यदि ऐसा होता है तो अपनी मेहनत सफल समझुंगा।

अब मुद्दे की बात करते हैं। बात उन दिनों की है, जब हमारे देश में कोरोना का प्रकोप नहीं था। नया-2 साल था और नया-2 जोश। तो इसी जोश में मैं अपने दो दोस्तों के साथ जनवरी के पहले पखवाडे़ में यानि 1 जनवरी से 16 जनवरी के बीच एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक कर आया। मन ही मन बड़ा खुश था कि वो काम कर लिया जिसके लिए बहुत दिनों से दिल में चाहत थी। यकीन मानिये दिल को बेहद सुकून मिला।

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इसके कुछ महीने बाद ही दुनिया के साथ हमारे प्यारे देश भारत में भी मुए कोरोना ने अपना पैर पसार दिया। अब ऐसे पसर कर बैठा है कि जाने का नाम ही नहीं ले रहा। इस नामुराद के चक्कर में हम घुमक्कड़ों का बड़ा नुकसान हो गया जो शायद किसी भी कीमत पर पूरा नहीं होगा। अब धीरे-2 चीजें सामान्य हो रही है तो उम्मीद है कि घुमक्कड़ी भी पटरी पर आ ही जाएगी।

Everest base camp trek सर्दियों में कैसे करें

अब मैं विंटर एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक Everest base camp trek प्लानिंग और बेसिक चीजों की जानकारी आपसे साझा करूंगा, जिससे आगे आपको योजना बनाने में मदद मिलेगी। मैं इस ट्रेक के लिए उपयोगी जानकारी सिलसिलेवार तरीके से बताने की कोशिश करूंगा जिससे आप दोस्तों को समझने में आसानी हो।

आज पहले भाग में मैं आपको विंटर एवरेस्ट बेस कैंप(दिसंबर से मार्च के बीच) के लिए जो खर्च आएगा उसकी जानकारी देता हूं।
इस ट्रेक का खर्च दो भाग में बांट सकते हैं।

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Everest base camp trek

                                                                             Everest base camp trek

Mount Everest base camp Equipment List

  •  ट्रेक के लिए जरूरी कपड़े

  •  दूसरा ट्रेक के यात्रा रहना व खाने का खर्च

  • ट्रेक के लिए सबसे जरूरी तीन सामान है। जूते , ट्रेक पेंट, जैकेट

बात अगर जूतों की बात करें तो Everest base camp trek विंटर ट्रेक में आपको लगभग सारा ट्रेक बर्फ में करना है। इसलिए आपको waterproof जूते चाहिए। Decthlon पर 3000 रुपए से शुरू हो कर ट्रेकिंग शूज़ मिल जायेगे। आपको जूतों में दो खूबियां चाहिए। पहला वो वॉटरप्रूफ हों ओर दूसरा अगर जूतों में नमी घुस भी जाए तो जल्दी सुख जाए ।आप 5000 रुपए के आसपास के जूते लेे कर यह ट्रेक आसानी से कर सकते हैं।

Everest base camp trec

ध्यान रहे कि ये जूते वाटरप्रूफ तो होंगे, लेकिन उन जूतों में आपके पैरों तक ठंडक पहुंच जाएगी। मैंने 7000 के केंचुआ ब्रांड के जूते लिए जो कि बिल्कुल परफेक्ट रहे । पर ये सच्चाई है कि आप कैसे भी जूते लेे रोजाना ट्रेक के बाद आपको उन्हें गरम भट्टी के पास कुछ देर सुखाना पड़ेगा। ये बात पक्का कर ले की जूते लेने के बाद आप 15 से 20 दिन उनका प्रयोग जरूर करें, अन्यथा कि दशा में जूते पैर काट सकते हैं, आप ट्रेकिंग के दौरान इस तरह के किसी बुरे अनुभव से बचना चाहेंगे।

Everest base camp trec

Living Root Bridge या जीवित पुल कहां हैं?

अब बारी आती है ट्रेक पेंट की। आप इस ट्रेक में बर्फ पर चलेंगे, गिरेंगे, फिसलेंगे, बैठेंगे तो जाहिर सी बात है ट्रेक पेंट वॉटरप्रूफ ओर विंड प्रूफ होना चाहिए। पेंट में जेब भी जरूरी है ओर कंफर्ट भी। Decathalon पर ही आपको 3000 रुपए में अच्छी पेंट मिल जाएगी जो मैंने ली थी। कमाल की बात की मैंने पूरे 15 दिन वही पेंट पहनी। ना वो भीगी ओर ना ही उसने मुझे किसी ओर तरह तंग किया।

फिर सबसे आखिर में जैकेट। आपको 6000 रू में three layer जैकेट मिल जाएगी जो कि सिर्फ एक फुल स्लीव टीशर्ट के साथ आराम से आपको ट्रेक करवा देगी। हालांकि मैनें यहां थोड़ी किफायत करते हुए ये जैकेट ना लेकर खुद के जैकेट, स्वेट शर्ट और वार्मर से three
layer बना कर ये ट्रेक किया। ओर वो भी आरामदायक तरीके से हो गया हालांकि तापमान -15 तक गया था।

ये तीन चीजे जो मैंने आपको बताए इसके अलावा आपको 2 कार्गो पेंट, 3 जोड़ी मोटी जूराब, 3 फुल बाजू टीशर्ट, 2 वार्मेर, दस्ताने ओर एक monkey cap चाहिए होगी।

chittorgarh-fort का इतिहास क्या है

Everest base camp trec

इनके अलावा आपको एक चश्मा चाहिए। चशमें के मामले में बिलकुल भी समझौता न करें। आपको नॉर्मल सनग्लासेज ने लेकर हमेशा अच्छी क्वालिटी का रिफ्लेक्टर लेना चाहिए क्योंकि साधारण sunglass के कारण मेरे साथ गए एक दोस्त को वापिस आने के बाद आंखो में काफी समस्या का सामना करना पड़ा।

दोस्तो ना ही तो आपको स्लीपिंग बैग खरीदने की जरूरत है ओर ना ही आपको टेंट की आवश्यकता है। रुकने के लिए पूरे रास्ते होटल है और वहां आपको रजाई या स्लीपिंग बैग आसानी से अफोर्डेबल प्राइस पर मिल जायेगे।

कौन कर सकता है Everest base camp trek और किसके लिए है मनाही

इतनी कवायद के बाद यह जानना तो बेहद जरूरी है कि कौन कर सकता है Everest base camp trec और किसके लिए है मनाही। इस बारे में मेरा मानना है कि अगर आपको किसी प्रकार की कोई सांस, ब्लडप्रेशर, हृदय संबंधी बीमारी नहीं है और आप एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति हैं, तो आप ये ट्रेक कर सकते हैं। मैंने इससे पहले कभी 3500 मीटर से ज्यादा का कोई ट्रेक नहीं किया था और मुझे यह ट्रेक करने में कोई परेशानी नहीं आयी।

Mount Everest base camp trek in winter

सर्दियों में करें Mount Everest base camp trek

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                                                                  सर्दी ऐसी की सबकुछ जम जाए

Everest base camp trek के पहले भाग में हमने एवरेस्ट विंटर कैंप यात्रा के लिए जो जरूरी खरीददारी थी। उसके खर्च के बारे में बातचीत की थी। हम यहां से यात्रा के दौरान खर्च, रहने, खाने और बाकी छोटे खर्चों को भी शामिल कर एक मोटा हिसाब लगाने का प्रयास करेंगे।

Mount Everest base camp trek में कितना खर्च आएगा। 

आपको दिल्ली ओर देश के दूसरे बड़े एयरपोर्ट से काठमांडू की फ्लाइट मिल जाएगी। हम दिल्ली से गए थे तो हमने दिल्ली से फ्लाइट ली जिसका किराया 6000 रुपए के आस पास था।

आप  के लिए सलाह यह है कि जिस दिन काठमांडू की टिकट बुक करें तो ऐसी फ्लाइट लेने का प्रयास करें जिसका टाइम सुबह जल्दी का हो, ओर उससे अगले दिन की टिकिट काठमांडू से लुकला के लिए बुक करें। वहां भी पहली फ्लाइट लेने का प्रयास करें।

ऐसा करने का फायदा ये है कि आप जल्दी काठमांडू पहुंच जायेगे ओर फिर आप आराम से पशुपतिनाथ महादेव के दर्शन कर सकते हैं। पशुपति नाथ महादेव काठमांडू एयरपोर्ट से आप पैदल आराम से 15 से 20 मिनट में पहुंच जायेगे। निश्चित ही महादेव के दर्शन से आपको सुकून मिलेगा।

दर्शन के बाद आपके पास काठमांडू में रुकने के 2 ऑप्शन है। पहला आप पशुपतिनाथ के पास कोई होटल ले सकते हैं।
लेकिन अगर आपको चकाचौंध वाला काठमांडू भी देखना है तो आप मंदिर से थामेल नाम कि जगह के लिए टैक्सी लें, जो कि 300 भारतीय रुपए में मिल जाएगी। थमेल में जाते ही आप एक देशी-विदेशी पर्यटकों से भरी जगह पर पहुंच जाएंगे जो कि एक अलग दुनिया का आभास देगी। यहां पर आपको आसानी से 1500 रुपए में रूम मिल जाएगें। मेरे हिसाब से आपको यहां एक रात गुजार कर यहां की नाइट लाइफ का अनुभव भी करना चाहिए।

Banaras me kahan ghumen

Mount Everest base camp trek के दौरान कौन से कागजात होने हैं आवश्यक

अब बात आती है कि कागजात कौन से होने आवश्यक हैं। जब आप नेपाल जा रहे हैं। नेपाल उन चुनिंदा देशों की कटेगरी में आता है, जहां बाकी देशों की तरह बहुत तामझाम की जरुरत नहीं होती। यदि आपके पास पासपोर्ट है तो वो ही काफी है। यदि नहीं है तब भी घबराने की बात नहीं है। मेरे पास भी नहीं था।

इस कंडिशन में आपका मतदाता पहचान पत्र ही आपके पासपोर्ट का काम करेगा। फिर वो चाहे आईडी दिखानी हो या टिकट बुक करना हो। आप चाहे तो अपना आधार कार्ड आप रख लें, चाहे लेकिन मतदाता पहचान पत्र सबसे जरूरी ओर आवश्यक है।

अगले दिन सुबह आप एयरपोर्ट पहुंचे ओर काठमांडू से लुकला के लिए फ्लाइट पकड़े। मेरे लुकला की टिकट लगभग 7500 रुपए की बनी थी। कुल मिलाकर आपका आना और जाना फ्लाइट में 30000 रुपए तक बड़ी आसानी से हो जाएगा।

करेंसी चेंज करनी की नहीं पड़ेगी जरुरत क्योंकि भारतीय रूपया आसानी से चलता है

अब जैसे ही आप काठमांडू पहुंचेंगे तो आपको लगेगा कि हमे भारतीय मुद्रा को नेपाली मुद्रा में बदलवाना है। आपकी जानकारी के लिए बता दू के ऐसा करने कि कोई आवश्यकता नहीं है। सब जगह भारतीय मुद्रा आराम से चलेगी। भारतीय मुद्रा यानी कि पैसे नेपाली पैसे के 1.6 गुना है। मतलब भारत का 1000 रूपए नेपाल के 1600 रुपए के बराबर है।

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Mount Everest base camp trek cost from India

इस हिसाब से आपके पास कितने रूपये होने आवश्यक हैं

अब सवाल यह कि आपके पास ट्रेक के लिए कितने रूपये होने आवश्यक हैं। तो दोस्तों इसका सीधा सा हिसाब यह है कि
आपके पास लुकला से बेस कैंप ओर वापिस लुकला तक 3000 नेपाली रुपए रोजाना का खर्च होना चाहिए मतलब 2000 के लगभग भारतीय रुपए।

अब 12 दिन के ट्रेक में 3000 नेपाली रू0 के हिसाब से  36000 से 40000 नेपाली रुपए या 24000 से 26000 भारतीय रुपए।
इन रुपए में आपका खाना, रहना ओर कुछ शॉपिंग भी हो जाएगी आराम से। एक बात का ओर ध्यान रखे कि आप चॉकलेट, ड्रायफ्रूट, ओर कुछ और छोटा-मोटा ट्रेक पर रास्ते में खाने का सामान अपने शहर से के कर चले।

क्योंकि लुकला के बाद आपको 10 रूपए वाली चॉकलेट 50 रुपए में मिलनी शुरू हो जाएगी ओर ये दाम आगे बढ़ते जायेगे।
सबसे अच्छा रहेगा के आप छोटे-छोटे पैकेट बना लेे जिसमें 15 बादाम,15 काजू, कुछ किशमिश, छोटे चॉकलेट के पैकेट हों। सुबह ट्रेक की शुरुवात में बैग की उपर वाली पैकेट में 2-3 पैकेट डाल ले ओर जब भी मन करे खाएं।
पर ये सब पैकिंग अपने घर से बना कर चले।  ये था ट्रेक के लिए खर्च का मोटा हिसाब जिससे आपको एक आइडिया मिल जाएगा कि कम से कम कितने रूपये में आप आसानी से Everest base camp trek कर पायेंगे। 

हम तीन लोगों के पास कुल 117000 नेपाली रुपए थे जिनमें से ट्रेक की समाप्ति पर हमारे पास 28000 नेपाली रुपए बच गए थे। कुल मिलाकर एक आदमी के हिस्से में तकरीबन 30 हजार नेपाली रू0 का खर्च आया।

Everest base camp trec

                                                              चांद की रोशनी में कैंप का नजारा

अगले भाग में आपको ट्रेक में रुकने ओर खाने कि सुविधाओं ओर ट्रेक के दौरान क्या सावधानी बरते इसके बारे में विस्तार से बताने का प्रयास करूंगा।

Mount Everest base camp trek के दौरान किन बातों का रखें ध्यान

दोस्तों इस भाग में हम ऊंचाई वाली बीमारी (AMS) के बारे में डिस्कस करते हैं। सबसे पहले तो ये बीमारी है क्या..

जैसे-जैसे हम ऊंचाई वाली जगह पर जाते हैं तो वायुदाब ओर वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती जाती है। इस कारण प्रति श्वास हमारे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम पहुंचती है। इस कमी के कारण हमारे शरीर पर जो प्रभाव पड़ते हैं उनमें मुख्यत है..

  • सर में दर्द
  • उल्टी आना
  • सांस लेने में तकलीफ
  • चक्कर आना
    इससे बचने का तरीका ये है कि आपको धीरे-धीरे ऊंचाई पर जाना है ओर ट्रेक पर कम से कम 2 दिन एकेमलाइजेशन के लिए रखने है। हमने पहला दिन नामचे बाज़ार ओर दूसरा दिन डिंगबोचे में रखा। इन दोनों दिन हमने आस पास के छोटे छोटे ट्रेक किए जिससे कि शरीर को ऊंचाई का अभ्यस्त बनाया जा सके।

अब सवाल ये है कि क्या आपको AMS होगा या नहीं.. 

इस बारे में मेरा कहना ये है कि आपको इस ट्रेक पर AMS का सामना जरूर करना होगा। ना केवल आपको अपितु जो भी इस ट्रेक को करता है AMS से उसका पाला जरूर पड़ता है। मुझे भी ओर मेरे साथ गए दोस्तो को भी इसकी वजह से सर दर्द, नींद ना आना जैसी समस्या थीं खासकर दिंगबोचे के बाद।

AMS की समस्या से कैसे बचें

पहला बताया है आपको की पूरे ट्रेक Everest base camp trek में  कम से कम 2 दिन एकेमलाइज डे रखे। जरूरत पड़ने पर एक ओर ले सकते हैं।

दूसरा रोज़ाना ट्रेक पूरा होने के बाद थोड़ा रेस्ट करके दोबारा एक्टिव हो।

तीसरा जितना ज्यादा हो सके पानी लेे।

आपको AMS से बचाव की टैबलेट भी मिलती हैं जो आपको ट्रेक शुरू करने के 2 दिन पहले लेनी शुरू करनी होती हैं लेकिन इसके लिए डॉक्टर के परामर्श से करे।

अब एक जरूरी बात जो ट्रेक पर एक होटल मालिक ने बताया था कि यदि आपको AMS से ज्यादा परेशानी अनुभव हो तो उसी जगह पर रुके ओर पूरा रेस्ट करे।

फिर भी प्रॉब्लम है तो वापस थोड़ा नीचे जाएं और वहां रुक कर आराम करें। जैसे ही स्वस्थ महसूस करे ट्रेक दोबारा स्टार्ट करे।
लेकिन अगर अब भी समस्या है तो MOUNTAIN ARE ALWAYS THERE पहाड़ आपको अपनी जगह पर ही मिलेंगे। उन्हे कहीं जाने की जल्दी नहीं। क्योंकि जिन्हे जल्दी थी,वो चले गये। ऐसा ज्ञान ट्रकों के पीछे लिखा मिलता है।

तो मेरे दोस्त वापस जाएं और दोबारा पूरी तैयारी के साथ आएं। एक बात ओर सुबह जब भी आप उठेगे आपको लगभग पक्का सर दर्द मिलेगा तो आप ज्यादा ना सोचे, पानी पीने ओर रूम से बाहर निकल कर थोड़ी ताज़ा हवा में सांस लेते ही आप ठीक हो जायेगे। कुल मिलाकर मेरा यह मानना है कि आप AMS से जरूर ग्रसित होंगे लेकिन इतना नहीं की आप ये ट्रेक ना कर पाए। बस हिम्मत रखें ओर चलते जाएं।

Everest base camp trek पर क्या खाएं

Everest base camp trek  पर  साल के 12 महीने लोग जाते हैं, सर्दियों में अपेक्षाकृत कम। इस वजह से आपको इस ट्रेक पर हर तरह का खाना मिलेगा। बस ऊंचाई के साथ महगांई भी आसमान छूने लगती है। आप चाहे तो शाकाहारी या मांसाहारी या जंक फूड जैसे बर्गर, पिज़्ज़ा, आदि सब तरह का भोजन कर सकते हैं।

लेकिन हमें ट्रेक के लिए आपवश्यक शारीरिक आवश्यकताओं के अनुरूप भोजन करना चाहिए जिसमें पर्याप्त मात्रा में लिक्वड ओर स्वाद का मिश्रण हो।हमें भी पता नहीं था तो हमने स्वाद के लालच में अलग अलग भोजन ट्राई किया।बाद में जो पता चला उसके अनुसार सबसे सही ये है कि नाश्ता में आप हॉट पुडिंग जो कि दूध में गर्म गर्म दलिया होता है लें।

लंच में ले सकते हैं थूपका

लंच में आप थूपका ले सकते हैं जो कि बहुत सारे मसालेदार पानी में नूडल्स होते हैं। लेकिन रात को आप बिना सोचे विचारे नेपाली थाली लेनी चाहिए। इसमें आपको दाल, चावल, हरी पत्तेदार सब्जी, रोटी, ओर एक सूखी सब्जी मिलेगी। ये डिनर के लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन है और कोशिश करें कि 2 कटोरी दाल जरूर ले। क्योंकि इस ट्रेक के दौरान लिक्वड डायट आपके लिए बेहद आवश्यक है।

इसके अलावा एप्पल पाई केक भी बहुत अच्छा ऑप्शन हो सकता है। हमें अच्छा लगा तो सोचा कि शायद आपको भी पसंद आए। इसके अलावा बचपन का प्यार मैगी तो है ही। हमेशा की तरह फेवरिट। सबसे ज्यादा ध्यान इस बात का ऱखना चाहिए कि किसी भी समय का भोजन छोड़े नहीं।

एक पुरानी कहावत है कि थोक में सामान सस्ता मिलता है। यह बात पहाड़ों पर भी लागू होती है। अब समझते हैं क्यों।
आपको जहां कहीं भी चाय या कॉफी लेनी हो, हमेशा एक फुल जग लें क्योंकि एक तो ये सस्ता होगा और दूसरा आपको एक कप में पूर्ति भी नहीं होगी।

मोलभाव जरूर करें/ खरीदने से पहले चीजों के दाम जरूर पूछ लें

बाकी कही भी कुछ एक्स्ट्रा बनवाने का मन करे तो जरूर बनवा लें लेकिन रेट जरूर पूछे। हमने लोबुचे में आलू परांठा बनवाने का ऑर्डर किए और हमें 7 आलू परांठों के लिए 5600 रुपए बिल देना पड़ा। जितना हो सके सादा भोजन करे लेकिन कभी कभी स्वाद का भी लुत्फ उठाएं इससे आपका ऊर्जा स्तर बना रहेगा।

दोस्तों यह हमारे Everest base camp trek का अनुभव था। जिसे हम आपके साथ साझा करना चाहते थे।यदि आपमें से कोई भी सज्जन Everest base camp trek पर जाएं तो उन्हें असुविधा का कम से कम सामना करना पड़े।

बाकी सब आप अपने अनुभव से सीखते रहेंगे। उम्मीद है आपको इस जानकारी से Everest base camp trek में जरूर सहायता मिलेगी। 

आप में से जो भी इस ट्रेक को करेंगे उनके लिए मेरी तरफ से अग्रिम शुभकामनाएं।
आप भी अपने अनुभव जरूर शेयर करें

Photo- somewhere in everst base camp trek

नोट- यह पोस्ट mysolotraveler.com के लिए रमन अत्रि जी ने लिखा है। ब्लॉग में दिखाई गयी फोटोज भी उन्हीं के द्वारा ली गयी थी। यदि आप भी हमारे ब्लॉग पर गेस्ट पोस्ट लिखना चाहते हैं तो आप सादर आमंत्रित हैं। यह ब्लॉग आप जैसे सुधी पाठकों और घुमक्कड़ों के लिए ही है। 

धन्यवाद

Rj Vivek Singh 

5 thoughts on “Everest base camp trek

  1. Mudit Shah

    विवेक भाई नई जानकारी दिलचस्प है और पर्यटकों ,खासकर ट्रैकिंग करने वाले पर्यटकों के लिए काफ़ी फायदेमंद हो सकती है। बढ़िया है लिखते रहिए।

    Reply
  2. Vivek Singh Post author

    धन्यवाद भैया। आपके सानिध्य में रहकर लिखना सीख रहा हूं। अपना स्नेह बनाए रखिए 🙏

    Reply
    1. Vivek Singh Post author

      शुक्रिया 🙏 आप जैसे सुधी पाठकों का आभार।

      Reply

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