Happy Teacher’s Day 2020

By | September 5, 2020

गुरु बिन होय न ज्ञान/Happy Teacher’s Day 2020

सबसे पहले आप सभी पाठकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं। देश के दूसरे राष्ट्रपति डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन ( Sarvepalli Radhakrishnan) के जन्मदिन 5 सितबंर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 1962 के बाद से राधाकृष्णन जी के जन्मदिन को पूरे देश में शिक्षकों के सम्मानदिवस के रूप में मनाया जा रहा है।  यह आप सभी जानते हैं। गुरु बिन होय न ज्ञान यह सिद्ध कथन है। इस संबंध में महाभारत में एक कथा है। जो मैं आपको आज बताने वाला हूं। यही कहानी आपको में सोमदेव भट्टराव की कथासरित्सागर में भी मिलेगी। इस कहानी संग्रह को कश्मीर के राजा अनंत की रानी के विनोद के लिए 1063 से 1082 के बीच लिखा गया था।

Happy Teacher's Day 2020

Happy Teacher’s Day 2020

Happy Teacher’s Day 2020

भारद्वाज मुनि का एक पुत्र था। उसका नाम था तपोदत्त। ऋषिपुत्र होने के बावजूद भी तपोदत्त का मन पढ़ाई-लिखाई में नहीं लगता था। पिता के कहने का भी उस पर कोई प्रभाव नहीं था। उसका मानना था कि वह तपस्या करके विद्या अर्जित कर लेगा। उसकी उम्र भी बाकी बच्चों से ज्यादा हो चुकी थी लेकिन वह अभी भी गुरुकुल नहीं जाता था।

रोज-रोज के उलाहनों से परेशान होकर एक दिन वह पिता का घर छोड़कर गंगा के किनारे जाकर तपस्या करने  लगा। काफी समय तक तपस्या करने के बाद भी उसे ज्ञान नहीं मिला। एक दिन देवराज इंद्र भेष बदल कर वहां आये और अंजली में बालू भरकर गंगा में डालने लगे। वह काफी देर तक यह काम करते रहे। तपास्या कर रहे तपोदत्त उनका यह कार्य देख रहा था। उसने ब्राह्मण वेश धारी देवराज से कहा। आप यह क्या कर रहे हैं।

उसने कहा मैं गंगा पर पुल बना रहा हूं। हंसते हुए तपोदत्त ने कहा मूर्ख ब्राह्मण कहीं बालू से भी पुल बन सकता है। देवराज ने अपने असली रूप में आकर कहा तुम भी तो वही प्रयास कर रहे हो। गुरू बिना ज्ञान चाहते हो। ज्ञान हमेशा परिश्रम से ही अर्जित किया जाता है। तपोदत्त को अपनी भूल का एहसास हो चुका था।

उसने देवराज से कहा कि मेरी आयु अधिक हो चुकी है। देवराज ने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं। उनकी बात मानकर तपोदत्त ने गुरूकुल में जाकर पढ़ना शुरू कर दिया।

दोस्तों महाभारत की यह कहानी हमें यह बताती है कि स्कूल, कॉलेज में शिक्षकों से मिलने वाली शिक्षा का दूसरा कोई विकल्प नहीं। शिक्षा कठिन परिश्रम से ही अर्जित की जा सकती है। उसकी दूसरी कोई विकल्प नहीं।  अपने शिक्षकों का सम्मान करें। उनका विश्वास करें वे कभी आपके साथ गलत नहीं होने देंगे।

कल शिक्षक दिवस के मौके पर ही You tube पर पढ़ाने वाली एक महिला शिक्षक के विषय में कमेंट में अशोभनीय बातें लिखी गयी थी। प्लीज ऐसा करना बंद कीजिए। शिक्षक और छात्र के सम्मानित रिश्ते को वही सम्मान दीजिए, जिसके वे हक़दार हैं। एक बार फिर से आप सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं।Happy Teacher’s Day 2020

धन्यवाद।

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